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बिहार में बदला मौसम का मिजाज: पटना समेत कई जिलों में आंधी-बारिश और ठनका का अलर्ट, 72 घंटे बेहद संवेदनशील

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बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। पटना समेत कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ठनका को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। अगले 72 घंटे मौसम बेहद संवेदनशील रहने वाला है।

पटना/आलम की खबर:मई की झुलसाती गर्मी और लगातार बढ़ती उमस के बीच बिहार में मौसम ने अचानक ऐसा करवट लिया कि लोगों को राहत के साथ-साथ डर का भी एहसास होने लगा। शुक्रवार को राजधानी पटना में दोपहर बाद अचानक आसमान पर काले बादलों ने कब्जा कर लिया और कुछ ही देर में तेज धूलभरी आंधी, बारिश और गरज-चमक ने पूरे शहर का माहौल बदल दिया। दिन के समय ही ऐसा अंधेरा छा गया मानो शाम उतर आई हो। मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को हैरान कर दिया और कई इलाकों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।

करीब चार बजे के आसपास पटना के विभिन्न इलाकों में तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ। देखते ही देखते धूलभरी आंधी ने सड़कों पर चल रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई जगहों पर दुकानदारों को जल्दबाजी में अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं, जबकि सड़क पर मौजूद वाहन चालकों को कम दृश्यता और तेज हवाओं के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई हिस्सों में पेड़ों की डालियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं। लोगों ने सुरक्षित जगहों की ओर दौड़ लगाई और कुछ देर के लिए शहर की रफ्तार थम सी गई।मौसम विभाग के अनुसार बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से सक्रिय हो चुकी हैं और यही वजह है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 72 घंटे बिहार के लिए बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। विभाग के मुताबिक कई जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना जताई गई है। खासतौर पर ठनका गिरने को लेकर लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान में राजधानी पटना के अलावा गया, भागलपुर, अररिया, किशनगंज, पश्चिम चंपारण और आसपास के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सीमांचल और उत्तर बिहार के क्षेत्रों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बिहार में यह अस्थिर मौसम देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि कभी तेज धूप निकल रही है तो कुछ ही घंटों बाद अचानक बादल और बारिश का दौर शुरू हो जा रहा है।

ग्रामीण इलाकों में भी मौसम का असर साफ देखने को मिल रहा है। खेतों में काम कर रहे किसानों को अचानक मौसम बदलने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। कई जगहों पर तेज हवा के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है। खासकर आम और लीची उत्पादक क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश चिंता का कारण बन सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पूरी तरह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, लेकिन इस बार इसकी तीव्रता सामान्य से अधिक देखी जा रही है। कई जिलों में अचानक तेज बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। बीते कुछ वर्षों में बिहार में ठनका से होने वाली घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, इसलिए प्रशासन इस बार पहले से ज्यादा सतर्क दिखाई दे रहा है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। बिजली चमकने के दौरान मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग और खुले स्थानों में खड़े रहने से भी बचने की सलाह दी गई है। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन या पक्के घर में शरण लेने को कहा गया है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में अचानक हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ सकता है। तेज गर्मी के बाद अचानक बारिश और ठंडी हवाओं के कारण वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं मौसम में राहत मिलने से लोगों को भीषण गर्मी और लू से कुछ राहत जरूर मिली है।

पटना समेत कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जहां पिछले कुछ दिनों से लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान थे, वहीं अब बारिश और हवाओं के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो गया है। हालांकि मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है और आने वाले दिनों में मौसम लगातार बदलता रहेगा। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की अपडेट पर ध्यान देने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के अनुसार मई के दूसरे सप्ताह में बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इसका असर आने वाले मानसून सीजन पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल राज्य में मौसम पूरी तरह अस्थिर बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक कभी धूप तो कभी तेज आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है।

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